सभ बेच दैत अछि आदमी!

..✍👤 प्रेमी रविन्द्र 


जान बेच दैत अछि आदमी!
इमान बेच दैत अछि आदमी!!
जखने मिलैत अछि एको मोका!
त भगवान बेच दैत अछि आदमी!!

मान बेच दैत अछि आदमी!
समान बेच दैत अछि आदमी!!
स्वार्थ पुरती करबाक लेल!
बदन'सॅ चाम बेच दैत अछि आदमी!!

आन बेच दैत अछि आदमी!
सान बेच दैत अछि आदमी!!
छनिक खुशी पावकें लेल!
स्वभिमान बेच दैत अछि आदमी!!

नै पुछू की की बेच दैत अछि आदमी!
जहान आ सन्सार बेच दैत अछि आदमी!!
भने कतनो भजाय माए बाबुकें बदनामी!
निर्लज्जकें लेल लाज बेच दैत अछि आदमी!!

WRITTEN BY :-प्रेमी रविन्द्र
गाम:-सिंहासनी-७महोत्तरी नेपाल

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