बाढ़ि पीडितसभकेँ दिनकेँ जनहीँ ७० रुपैयाँ दैकेँ नेपालसाकारकेँ निर्णय

अपन मिथिला ,भादौ , २ / नेपाल सरकार बाढ़ि आ धसान में परल पीड़ितसभके  एक महिना तक प्रतिदिन जनहीँ ७० रुपैयाँके दर सहयोग उपलब्ध करबै के निर्णय केने अछि। गृहमन्त्री जनार्दन शर्मा शैनदिन से सहयोग रकम वितरण  हेत जानकारी देने अछि। ‘संकटमें रहल पीडितके यकिन कके रकम हाथ मे देत । एहि से पीडित अपन खुसी खाना के समान खरिद कके खान सकै छै’, गृह मन्त्रालयमें शुक्रदिन आयोना केने पत्रकार सम्मेलनमें मन्त्री शर्मा कहलक।

बाढ़ि प्रभावित क्षेत्रमें पानिके सतह घटैत जारह से दुकान खुलकै सुरु भेल  उल्लेख करैत शर्माले कहलक  ‘पसल नै खुलल ठाम में  खाद्य संस्थान जिल्ला जिल्लामें  बिक्री–वितरण करत।’ ‘पहिले सेहो बाढ़ि आ धसान पीड़ित के  ५० रुपैयाँ दै छेल। अखुन बढाके ७० केने अछि । एक गोटे से  ई खर्च  नै पुगत  तैयो पूरा परिवारके  पैसा जम्माकके पुगत उ कहलक।

बाढीपीडित उद्धार, राहत आ पुनःस्थापनाके के लेल प्रधानमन्त्री दैवीप्रकोप उद्धार कोषसे एक अर्ब रुपैयाँ निकासा भेल शर्मा जानकारी  देने छेल।

गृहमन्त्री राहत वितरणमें एकद्वार प्रणाली लागू केने  विषयमें अनावश्यक टिप्पणी भेलमें असन्तोष व्यक्त केने छेल। ‘सहयोग करै लेल ककरो नै रोकने छिय से जानकारी  देने छेल। कत से आ के देलक से रेकर्ड राख सरकारके जानकारी दै लेल मात्र कहने छिय से कहलक। सिडिओके जानकारी दके कोभी राहत बाँइट सकै छिय, 'उ कहलक, ‘सरकारी रेकर्डमें एल राहत नै दोहर आ व्यवस्थित सेहो हेत ।’

उ कहलक आब बाँध आ तटबन्ध बाबी तब दीर्घकालीन सोच राख परत । ‘बनल तटबन्ध एक साल नै  टिकल अछि, अबौँ खर्च भेल अछि । योजना अभावके कारण खर्च दुरुपयोग सेहो नै भेल अछि। कमो  बाढ़ि एल तब दहा के लजाय छै’, उ आगु कहकल।



शर्मा कहलक कोसी, गण्डकी आ कर्णाली नदीके बाहिर घुसला नै दै के लेल बड़का जलाशययुक्त योजना बनाब परत कहने छेल । विपत्तिप भेलक बादः महामारी हेत  तब मात्रै स्वास्थ्य टोली जाय प्रवृत्ति रोकैत  सक्रियतासाथ टोली फिल्डमें जाय परत उ उल्लेख केने छेल ।


बाढ़ि धसान से ३० जिल्ला प्रभावित भेल आ अखुन तक १ सौ ३५ गोट के मृत्यु भचुकल अछि। ३५ गोटे हरारहल आ एक सौ ४१ गोटे  घायल भेल अछि। बाढ़ि से ७९ हजार १ सौ घर पूरा क्षति भेल आ  एक लाख ४ हजार चार सौ २५ घर  में  क्षति भएको गृह के सूचना में  जानकारी अछि ।

0 टिप्पणियाँ Blogger 0 Facebook

 
Apanmithilaa.com © 2016.All Rights Reserved.

Founder: Ashok Kumar Sahani

Top